अगर मेरा भी बैंक अकाउंट साइबर सेल से ब्लॉक हो जाए तो क्या करें?

अगर मेरा भी बैंक अकाउंट साइबर सेल से ब्लॉक हो जाए तो क्या करें?

अगर आपका बैंक अकाउंट Cyber Cell द्वारा ब्लॉक या फ्रीज कर दिया गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। 2026 में नए नियमों (BNSS) के आने के बाद अब प्रक्रिया पहले से अधिक स्पष्ट है। यह ब्लॉग आपको स्टेप-बाय-स्टेप गाइड करेगा कि ऐसी स्थिति में क्या करें। अक्सर लोग परेशान होकर इंटरनेट पर यह सर्च करते हैं कि अगर मेरा भी बैंक अकाउंट साइबर सेल से ब्लॉक हो जाए तो क्या करें, क्योंकि आज के समय में बिना बैंक खाते के एक दिन भी गुजारा करना मुश्किल है।


बैंक अकाउंट ब्लॉक होने पर सबसे पहले क्या करें?

अकाउंट फ्रीज होने का पता चलते ही सबसे पहले अपनी होम ब्रांच (जहां आपका खाता है) जाएं। कस्टमर केयर पर कॉल करने के बजाय बैंक मैनेजर से मिलना ज्यादा बेहतर होता है। कई बार लोग सिर्फ फोन पर बात करके रुक जाते हैं, लेकिन बैंक मैनेजर आपको वह आधिकारिक नोटिस दिखा सकता है जो पुलिस ने भेजा है। जब आप यह सोचते हैं कि अगर मेरा भी बैंक अकाउंट साइबर सेल से ब्लॉक हो जाए तो क्या करें, तो आपकी पहली प्राथमिकता सही जानकारी जुटाना होनी चाहिए।

बैंक से ये महत्वपूर्ण जानकारियां मांगें:

  • Notice Copy: पुलिस या साइबर सेल द्वारा बैंक को भेजा गया नोटिस मांगें। यह सबसे जरूरी दस्तावेज है।
  • Complaint ID: 14 अंकों का NCRP पावती नंबर (Complaint Number) नोट करें। इसी नंबर से आपके केस की ट्रैकिंग होगी।
  • Cyber Cell Details: किस राज्य और शहर की साइबर सेल ने अकाउंट ब्लॉक किया है (जैसे: गुजरात साइबर सेल या केरल पुलिस)।
  • IO Details: यदि उपलब्ध हो, तो जांच अधिकारी (Investigating Officer) का नाम और नंबर लें।

यह भी पढ़ें: फ्रीज बैंक अकाउंट को कैसे अनफ्रीज करें

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Cyber Cell से अपना अकाउंट अनफ्रीज कराने की प्रक्रिया

एक बार जब आपके पास शिकायत की जानकारी आ जाए, तो अगला कदम कानूनी तरीके से अपनी बेगुनाही साबित करना है। Advocate Ayush Garg के अनुसार, यदि आप सही प्रक्रिया का पालन करते हैं, तो अकाउंट 55-60 दिनों में अनफ्रीज हो सकता है। यह समय सीमा तब प्रभावी होती है जब आप बिना देरी किए सही कानूनी रास्ता अपनाते हैं। अगर आप अभी भी इसी उलझन में हैं कि अगर मेरा भी बैंक अकाउंट साइबर सेल से ब्लॉक हो जाए तो क्या करें, तो नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

1. सबूत और दस्तावेज तैयार करें

आपको यह साबित करना होगा कि आपके खाते में आया पैसा किसी अपराध का नहीं है। इसके लिए ये दस्तावेज जुटाएं:

  • Invoices/Bills: यदि आपने कोई सामान बेचा है या सेवा दी है।
  • P2P Trade Records: यदि क्रिप्टो या बाइनेंस (Binance) के जरिए ट्रांजैक्शन हुआ है, तो उसके स्पष्ट स्क्रीनशॉट और ट्रेड आईडी।
  • KYC Documents: आधार कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी।
  • Bank Statement: पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट ताकि आपके लेन-देन का तरीका साफ दिखे।

2. साइबर सेल में Representation देना

अपने वकील के माध्यम से संबंधित साइबर सेल को एक औपचारिक Legal Representation (प्रार्थना पत्र) भेजें। इसमें विस्तार से बताएं कि वह ट्रांजैक्शन क्यों हुआ था और आप उस धोखाधड़ी से कैसे अनजान थे। Advocate Ayush Garg इस प्रक्रिया में माहिर हैं और वह सुनिश्चित करते हैं कि आपका पक्ष पुलिस के सामने मजबूती से रखा जाए।

3. NOC प्राप्त करना

यदि साइबर सेल आपके जवाब और सबूतों से संतुष्ट हो जाती है, तो वे बैंक को एक No Objection Certificate (NOC) या Release Letter भेजेंगे। इस लेटर के मिलते ही बैंक आपका खाता खोल देगा। यह पूरी प्रक्रिया उन लोगों के लिए रामबाण है जो पूछते हैं कि अगर मेरा भी बैंक अकाउंट साइबर सेल से ब्लॉक हो जाए तो क्या करें

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2026 के नए कानून (BNSS) के तहत आपके अधिकार

2026 में लागू Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) के तहत अब पुलिस की जवाबदेही बढ़ गई है, जिससे आम आदमी को काफी राहत मिली है।

  • धारा 106 BNSS: अब पुलिस को किसी भी अकाउंट फ्रीज की जानकारी तुरंत मजिस्ट्रेट को देनी होती है। यदि पुलिस ऐसा नहीं करती, तो उसे गैर-कानूनी माना जा सकता है।
  • Lien Mark का अधिकार: यदि विवादित राशि केवल ₹5,000 है, तो पुलिस आपका पूरा ₹1 लाख का बैलेंस ब्लॉक नहीं कर सकती। आप कोर्ट में अपील करके केवल विवादित राशि को फ्रीज (Lien) रखकर बाकी अकाउंट खुलवा सकते हैं।
  • कोर्ट की मदद: यदि साइबर सेल आपकी बात नहीं सुन रही है या बेवजह देरी कर रही है, तो आप Section 503 BNSS के तहत मजिस्ट्रेट कोर्ट में अर्जी लगाकर अपना खाता अनफ्रीज करा सकते हैं।

विशेषज्ञ सलाह: Advocate Ayush Garg का अनुभव

अकाउंट फ्रीज होने के मामलों में देरी करना आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। जब आपके मन में यह सवाल आए कि अगर मेरा भी बैंक अकाउंट साइबर सेल से ब्लॉक हो जाए तो क्या करें, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें। Advocate Ayush Garg इस क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ हैं जो पूरे भारत में साइबर सेल और बैंक से जुड़े मामलों को 55-60 दिनों में हल करने में मदद करते हैं। उनकी टीम यह सुनिश्चित करती है कि आपको गुजरात, केरल या किसी भी अन्य राज्य की पुलिस के पास खुद न जाना पड़े और सारा काम कानूनी तरीके से आगरा या दिल्ली से ही हो जाए।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या मेरा अकाउंट अपने आप खुल जाएगा? 

नहीं, साइबर सेल द्वारा फ्रीज किए गए अकाउंट अपने आप नहीं खुलते। आपको पुलिस को स्पष्टीकरण देना ही होगा।

क्या मुझे दूसरे राज्य की पुलिस स्टेशन जाना पड़ेगा? 

ज्यादातर मामलों में, यदि आपके पास सही वकील है, तो फिजिकल तौर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। ऑनलाइन डॉक्यूमेंट जमा करके काम हो जाता है।

अकाउंट खुलने में कितना समय लगता है? 

नियमों के पालन के साथ, इसमें लगभग 55-60 दिन का समय लगता है।

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निष्कर्ष

साइबर सेल द्वारा बैंक अकाउंट ब्लॉक होना एक गंभीर मामला है, लेकिन कानूनी विशेषज्ञ की सलाह से इसे सुलझाया जा सकता है। याद रखें कि घबराना समाधान नहीं है, बल्कि सही जानकारी और कानूनी कदम ही आपकी मेहनत की कमाई को बचा सकते हैं। Advocate Ayush Garg की विशेषज्ञता आपको इस कानूनी जाल से सुरक्षित बाहर निकालने में मदद कर सकती है।

यह भी पढ़ें: लीन और डेबिट फ्रीज में क्या अंतर है

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